Kar Gujar

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ज़िन्दगी मे गर कुछ पाना है तो खोने से न डर,
ख़ुशी की चाहत है तो, आँशु के तूफ़ां से न डर,
गर मिला न कुछ तुझे फिर भी कुछ तू पायेगा,
एक हार के डर से तू कुछ कर गुजरने से न डर!

कदम-कदम पे चोट है और हार कदम पे होंसला भी है,
कर बुलंद अहसास को, और हर कदम से कुछ सीख भी,
रुकना नहीं झुकना नहीं, मंजिल पे जा पर ख़ौफ़ न खा,
ले सीख चीटी से और मंजिल अपनी फिर बना!

लगे अगर तू थक गया, विश्राम कर और फिर निकल,
विश्वाश रख- विश्वाश रख तू पायेगा साहिल को जल्द,
त्याग की एक भावना सम्मान को साथ लाएगी,
एक मंजिल गर गयी तो दूसरा रास्ता दे जाएगी!

ज़िन्दगी मे गर कुछ पाना है तो खोने से न डर,
ख़ुशी की चाहत है तो, आँशु के तूफ़ां से न डर,
गर मिला न कुछ तुझे फिर भी कुछ तू पायेगा,
एक हार के डर से तू कुछ कर गुजरने से न डर!

10 COMMENTS

  1. Lahu ke is manjar par, kaun khiche ye Rekha,
    Veeron ki is dharti hai yeh, jise pure snasar ne Samman se dekha.
    Watan ki sarfarasti mein jeene Marne ka sabak humne inhi se seekha.
    Jai Hind.

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