Right or Wrong

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ज़िन्दगी कभी ख़त्म नहीं होती,
इंसान की उम्मीदे उसको मारती हैं,
कहते हैं शरीर मरता हैं लेकिन,
बातों मे-यादों मे, हम उस शरीर से ही पहचाने जाते हैं,
मतलब शरीर भी नहीं मरता,
ये भी कहते हैं आत्मा नहीं मारती,
लेकिन आत्मा को देखा ही नहीं जाता, आत्मा को तो कोई पहचानता भी नहीं हैं|
ज़िन्दगी छोटी नहीं हैं,
जानते हो क्यों, क्योंकि लोग तो छोटी कि उम्र मे ही चाँद तक पहुँच गए,
मतलब दो अलग दुनिया देख ली वो भी बिना मरे|
मतलब हमारे पास जितनी ज़िन्दगी हैं वो पर्याप्त हैं|
सब बोलते हैं खुद के लिए जियो, लेकिन वो सब कभी खुद के लिए भी नहीं जिए होंगे,
क्योंकि उन लोगो को दूसरों की ज़िन्दगी मे झाँकने की आदत जो होती हैं|
अब बात आती हैं प्यार की,
कहा जाता हैं की बड़ा ही खूबसूरत रिश्ता होता हैं,
तो आधे से ज्यादा प्यार करने वालो को रोने के सिवा कोई काम नहीं होता,
तो रोना कहा से खूबसूरत होता हैं ये समझ नहीं आया|

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