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Reality of Life

समंदर की परछाई मैं हम कुछ यू डूबने चले, हाथ तेरा थाम कर, साहिल अपना पूछने चले!   बादलों की भीड़ मैं खाव्हिशें कुछ खो गयी, नाम तेरा रेत पे फिर ढूंढने को हम...