Tagged: Daughter

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Expectation and Reality of Women

Expectation and Reality of Women मैं बेटी हूँ सबसे एक आस लगाए बैठी हूँ, सम्मानों की हर जन से मैं अरमान जगाये बैठी हूँ, तिनके सी थी, बड़ी हुई फिर उम्मीदों की प्याली सी...

Life of Women 0

Life of Women

Life of Women सपना: कल रात मैंने एक सपना देखा, सपनो में आसमानों में खुद को परियों सा देखा, दिल घबराया, डर घिर आया, जब वहाँ पापा-मम्मी का साथ नहीं पाया, दूरी क्या होती...

Story of Many Daughter 0

Story of Many Daughter

Story of Many Daughter बेटी घर -मायका…….. घर का आंगन छोड़ चली वो बागों में त्योहारों में, याद उसे भी कर लेना सुबह-दिन के उज्यारों में, बेटी घर से बिदा होगी जब डोली के...

Accept Daughter in Law as Your Daughter 0

Accept Daughter in Law as Your Daughter

क्यों इतनी तकलीफ देती है जुदाई, क्यों होती है हमेशा बेटी की बिदाई| पालना क्यों छुट जाता है एक पल में, जुदाई के वक़्त क्यों बजती है शहनाई| हँसते हुए रोना आ जाता है...

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A Poem Dedicated to Martyr’s Family

Martyr’s Family (शहीद की बेटी अपनी माँ से कहती है|) माँ, पापा जल्दी आएँगे, हमको खूब हंसाएंगे, मुझको गोद मे उठाएंगे, दुश्मन को मारना सिखायेंगे| माँ, पापा जल्दी आएँगे… हमको घुमाने ले जायेंगे, चाट-पूरी...

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Daughter’s Feeling

पिता का प्यार और माँ की लोरी, इस रिश्ते की रीत क्यों कोरी! परायी क्यों बेटी हर होई, क्यों न रोके जग मे कोई!   हर बेटी पूछे रोई-रोई, क्यों माँ-पापा मैं पराई होई!...