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Poem For Father Behalf of Daughter 0

A Poem for Father Behalf of Daughter

Poem For Father पापा फिर आ जाओ न, वो झूला-झुला जाओ न, देखो मैं अभी भी छोटी हूँ, वो बचपन लौटा जाओ न | याद आपकी आयी है, क्यों बेटी कर दी परायी है,...