Father

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ये स्ट्रोरी एक पिता की है! जो हमेशा अपने बच्चों (४ बच्चे) के लिए दिन भर और रात भर मजदूरी करता! और हमेशा अपने बच्चों को अछि एजुकेशन देने के लिए प्रयासः करता रहता, क्योंकि वो जनता था की अनपढ़ इंसान सिर्फ एक मजदूर बन के ही रह जाता है और दो वकत के खाने के लिए भी लाले पड़ जाते हैं! उस पिता ने अपने बच्चों को कभी किसी चीज़ की कमी महसूस नहीं होने बस हमेशा उनको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया!

बच्चे भी पड़ने मे बहोत ही अच्छे थे और बच्चों ने अपने पिता की हर उम्मीद पूरी की अच्छे से पड़े लिखे और एक दिन सबको अछि जगह पर नौकरी मिल गयी! सभी बच्चे अपने पिता का पूरा ख्याल रखते थे उनकी हर छोटी बड़ी चीज़ उनको लाकर देते थे लेकिन अब वो पिता उन बच्चो के बीच बंट चुके थे क्योंकि उनके हर बच्चे की नौकरी एक अलग ही जगह थी हालाँकि बच्चों ने उनको लाने और ले जाने की सारी सुविधाएं दे रखी थी लेकिन बस नहीं दे पा रहे थे तो साथ मिलकर अपने पिता को अपना टाइम!

सब वैसा ही हुआ जैसा पिता ने चाहा था एजुकेशन, नौकरी, सब कुछ बस टाइम पिता के बिपरीत चला गया! अब बस वो पिता अपने सभी बच्चों के साथ रहना चाहते थे, उनसे बातें करना चाहते थे और इस बारे मे उन्होंने कई बार अपने बच्चो से बात भी की लेकिन सब उनकी इस बात को टाल जाते!

अब पिता को बिलकुल समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे और कैसे उन सब को साथ मे लेकर आएं! उन्होंने सोचा की वो एक नाटक करेंगे जिसमे वो बहोत बीमार हो जायेंगे और सब बच्चो को साथ मे रहने के लिए कहेंगे और उन्होंने ऐसा ही किया लेकिन वो ये नहीं जानते थे की ये नाटक उनकी ज़िन्दगी की सच्चाई बन जायेगा और वो सच मे बीमार हो जायंगे! इसी नाटक के चलते वो सच मे बहोत बीमार हो गए और एक दिन उनकी डेथ हो गयी!

इस पिता ने अपनी सारी ज़िम्मेदारी बहोत खूब निभाई बस जब सबके साथ रहने का टाइम आया तो पिता का टाइम ख़तम हो चूका था!

सारांश:

ये किसी एक पिता की कहानी नहीं है ये दुनिया के हर पिता की कहानी है जो अपने बच्चो के लिए सब कुछ करते हैं! लेकिन हम बच्चे अपनी ख़ुशी अपने नौकरी के कारन अपने माँ बाप को टाइम देना ही भूल जाते हैं और जब टाइम देने का समय आता है तो हमारे माँ पिता के पास टाइम ख़तम हो चूका होता है!

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