Deep Relationship Which will Never End

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Deep Relationship

बड़ा ही गहरा रिश्ता है मेरा-तेरी शराफत से,
तू ही बता कैसे छोड़ जाऊं मैं तुझे नज़ाकत से|

नफरत – ऐ- फरमान जारी करे तो उसमे कुछ हिस्सा मेरा रखना,
पता तो चले कहा रखा तूने हमे हिफाजत से|

दिल के हर कोने मैं धड़कने – धड़कती हैं,
बस दिमाग ही दगा कर जाता है खिलाफत से|

दुआएं तो सब मांगते हैं मोहॉब्बत के लिए,
हम तो तेरी नफ़रत की भी दुआ मांगते हैं खुदा की इबादत से|

गया वो दौर जब दोस्त सच मे दोस्त हुआ करते थे,
अब जमा है वो जहाँ बात भी होती है बस जरुरत से|

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