Nayi Duniya

0
1,151 views
@GoogleImages

ज़िन्दगी भी कितनी अजीब हैं न एक पल मे रुला देती है और एक पल हंसा देती है!
मौत जो बिना आये ही इतना डरा देती हैं की डर से ही इंसान मौत आने के पहले ही मर जाता है!

हम इंसान अपनी ज़िन्दगी को सीधे से क्यों नहीं ज़ी सकते और हमारी ज़िन्दगी मे कुछ भी होता है तो या तो हम अपनी किस्मत को कोश्ते हैं या भगवन को,
पर कभी हम अपने किये को नहीं देखते अरे हमने जो काम किये हैं सब उसका ही फल होता है न!

भगवन ने तो बड़ी सीढ़ी साधी सी ज़िन्दगी बनायीं है अब हमने उसको इतने हिस्सों मे बाट लिया और धर्म-जाती, ऊंच-नीच और पता नहीं कितने कॉम्प्लिकेशन बना लिए, और हम जो भी अच्छा बुरा देख रहे हैं वो सब इन्ही सब बातों की वजह से,

अब ज़रा गौर से सोचिये जब हम इस दुनियां मे आते हैं तो हमे न ये पता होता है की हम किस समाज मे हैं न हमे ये पता होता है की हम क्या गलत कर रहे हैं क्या सही बस हमे जो लगता है वो करते हैं,
जैसे – जैसे हम बड़े होते हैं हमारे दिमाग इसी समाज की बनायीं हुई रीति मे बीत जाता है और पूरी ज़िन्दगी सोच मे,

और एक बात हर इंसान की एक नाक, दो ऑंखें, दो काम एक मुह सब कुछ तो एक जैसा होता है फिर क्यों हम दुनिया मे लड़ते रहते हैं या ये रीति रिवाज बना देते हैं,
अगर हर इंसान अपनी थोड़ी कि सोच बदल दे न तो दुनिया का एक नया रूप देखने को मिलेगा लेकिन कोई ऐसा करना ही नहीं चाहता, कोई डर जाता है तो कोई ये सोचने लगता है की दुनिया क्या बोलेगी,

दुनिया होती कौन है कुछ बोलने वाली और दुनिया बनी किस्से हम लोगो से ही न, तो दुनिया की क्या परवाह करना और डर किस चीज़ का कोई मार तो नहीं डालेगा न,
हमारे एक एक कदम से एक नयी दुनिया बन सकती है जो जन्नत जैसी होगी जिसमे न कोई लड़ाई होगी न कोई झगड़ा!

जय हिन्द!

SHARE
Previous articleSaharaa
Next articleChal Pade

Leave a Reply