Sanam Re

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Sanam Re

जिसे देख कर खुश होने के बहाने ढूढ़ता था दिल
उसके दिल में मेरे लिए थोड़ी सी जगह भी ना थी …

मेरी हर सोच में सिर्फ वो ही था
उसको मेरी सोच की ज़रा भी परवाह ना थी…

अरमान सजाये थे दिल ने जिसके
उसके अरमानो का में साया ना थी…

जब भी मिले अजनबी लगे,
मुलाकात कोई पूरी ना थी…

पूछते हैं क्या पाना है अब,
मेरे नसीब में तुझे पाने की कहानी ना थी…
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जिसे देख कर खुश होने के बहाने ढूढ़ता था दिल
उसके दिल में मेरे लिए थोड़ी सी जगह भी ना थी …

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