Samjhota

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समझौतों की सलाखें थी आगे, पीछे तेरा प्यार था,
चुनना था बस एक किसी को, दिल का मज़बूरी से तककरार था!
समझ न आया मुझको ये पल किसका किसको इंतजार था,
बंधा हुआ था मैं खुद से ही था या किस्मत का ये सौदागार था!

मुझे तेरे दिल की यादों ने रोक कितनी बार था,
रोक सका न खुद को मैं यही मेरा तुझसे प्यार था!
वक़्त आ गया सब कह जाऊ मैं,
पर वक़्त कहा मेरा तलबगार था!

दूर हुआ तू मुझसे यू अब ये मेरा मुझपे बार था,
घात लगा मैं बैढा यू था जैसे तुझे मेरा बस इंतज़ार था,
गलत हुआ ये न होना था ये मेरा ऐतबार था,
समय की सीमा ख़तम हुई अब बस ये ही एक इकरार था!

समझौतों की सलाखें थी आगे, पीछे तेरा प्यार था,
चुनना था बस एक किसी को, दिल का मज़बूरी से तककरार था!
समझ न आया मुझको ये पल किसका किसको इंतजार था,
बंधा हुआ था मैं खुद से ही था या किस्मत का ये सौदागार था!

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