Safar

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तुम अगर चाहो तो मेरे साथ चल सकते हो,
मेरी तन्हाई को अपनी चाहत मैं बदल सकते हो,
कट सकते है ये रास्ते साथ चलते चलते,
चाहो तो इन बदलो को बारिशों मे बदल सकते हो!

नम पड़ी मेरी आँखों की गहराई को समझ सकते हो,
मेरे दिल की बातों को मेरी आँखों से पढ़ सकते हो,
दूर तलक जायेंगे ये रिश्ते तुम चाहो तो,
तुम मेरे साथ मेरी परछाई बन सकते हो!

सफर भी बड़े अजीब मोड़ पे ले आया है,
पता नहीं इस मोड़ को कहा बदल सकते हो,
हुस्न का बाजार लगा दिया है इश्क के परवानो ने,
चाहो तो अब भी फरमान बदल सकते हो,

यकीं से भी बड़ा यकीं है मुझे तुझ पे ,
ये जानती हु इस रेत को मेरी शक्ल मैं तब्दील सकते हो,
बड़ी ज़ुस्तज़ु मैं उलझ गयी हु मैं,
तुम समझ सको तो मेरे आंसुओं को मोती मैं बदल सकते हो!

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