End of the Life with Love

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पलकों को जब आँखों से भिगोया, धड़कन रोई और दिल मुस्कुराया,
हाथों ने मोती रोके, तब सागर सम्हल पाया!

उसकी हर एक लफ्ज़ को, होंठों से हमने लगाया,
अश्क लिए उधार और मुश्कुराहट उसको दे आया,
गलतियां क्या हुई ऐ ज़िन्दगी बता ज़रा, सब कुछ अपना देके, दर्द उसका समेट लाया!

सौदा बड़ा ही खूब देखो इश्क़ मैं हमने पाया,
ले के चले थे प्यार की तन्हाई, और वकत उनका चुरा ले आया!

ज़रा अब गौर कुछ यहाँ भी फरमाइए,
सब कुछ बड़ा अज़ीब सा मेरे साथ होता गया,
जब मिला वो मुझे, वकत शमशान ले चला!

बड़ा हसीं था वो सफर ज़िन्दगी से मौत तक,
कुछ मैं अपनी कहता गया कुछ वो अपनी सुनताय आया!

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