Clear Intention

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तेरी गलियों में फिर आने का कोई इरादा तो नहीं है,
लेकिन तुझे छोड़ के जाने का भी कोई वादा नहीं है,

इस डूबती कश्ती का कोई सहारा तो नहीं है,
पार लगा दे पार कोई ऐसा समंदर का इशारा भी नहीं है,

बंद सांसों को चलाने का बहाना तो नहीं है,
तेरे बाद इन धड़कनों का कही ठिकाना भी नहीं है,

अब कोई समझाए वो अब ज़माना तो नहीं है,
रोते हुए ज़िंदगी बिताना भी नहीं है,

लिखे हुए तेरे नाम को दिल से मिटाना तो नहीं है,
कैसे की जाती है मोहोब्बत ये तुझे सिखाना भी नहीं है,

रास्ते पे हैं हम किस तुझे दिखाना तो नहीं है,
जा कर बसे कहा तुझसे दूर ये बताना भी नहीं है….

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