Story of Life 2

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Story of Life 2

Story of Life 2
Story of Life 2

हंसकर बता मुझे ज़िन्दगी,
रोती है क्यों तू छुपकर ज़िन्दगी,
नहीं समझता तुझे कोई तो क्या,
थामती है तू सबका हाथ ज़िन्दगी|

भला – बुरा कहना है दस्तूर दुनिया का
पौंछ ले आँसूं आँखों से ज़िन्दगी,
तकलीफ तो अकेले ही सहना है तुझे,
यही तू सबको सिखाती है न ज़िन्दगी?

प्यार नहीं दुःख पाने का सिलसिला है यहाँ,
मत आस तू किसी से लगा ज़िन्दगी,
मैं तेरा मन हूँ मैं ही जानूँगा तुझे,
मत मुझसे कुछ भी छुपा ज़िन्दगी|

गुरुर थोड़ा सा खुद पर कर,
क्योंकि इंसान का तू है नशा ज़िन्दगी,
एक वादा अब ज़रा मुझसे कर,
हर कदम पर तू मुस्कुराएगी ज़िन्दगी|

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