Feeling Lonely with Fake Relationship

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Feeling Lonely with Fake Relationship

तम्मनाओं के घेरे हैं,
रातों के अँधेरे हैं,
खोमोशी में भी आहट है,
उजले क्यों न सबेरे है|

उनको पाकर भी अकेले हैं,
तन्हाइयों का मेले हैं,
चेहेरा बदल कर वो अपना,
हमसे शतरंज का खेल खेले हैं|

फिर राहों हम बैढे हैं,
रिश्ता हर आजमाकर देखे हैं,
मतलब की हैं ये दुनिया,
सामने होते हुए भी हम अनदेखे हैं|

तम्मनाओं के घेरे हैं,
रातों के अँधेरे हैं,
खोमोशी में भी आहट है,
उजले क्यों न सबेरे है|

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