Dil ki Khamoshi is a Wonderful Feelings of Heart

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Wonderful Feelings of Heart

दिल की खामोशी दिल की दोस्त बन के रह गयीं,
रातों की तन्हाई आगोश बन के रह गयीं|

सिलबटें तेरी यादों की, फर्माहिशें थी मेरी,
तेरी वो बातें मेरे अल्फ़ाज़ बन के रह गयीं|

तूफानी रास्तों से गुजर रहे थे हम,
तेरे पैरो की आहट आगाज़ बन के रह गयीं|

उड़ानें सपनो की उचाईयों पे थीं,
पर कटे तो उड़ानें कदम बन के रह गयीं|

दिल की खामोशी दिल की दोस्त बन के रह गयीं,
रातों की तन्हाई आगोश बन के रह गयीं|

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