Heart Breaking Sound of Love

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न कही सुकून था, न कोई जूनून था,
ज़िंदगी ने ऐसी राहों पे ला खड़ा किया,

संग न था कोई अब, तन्हा सी थी हर डगर भी अब,
पास ला कर ज़िंदगी ने दूर जो ज़रा किया,

क्या कहे-किससे कहें, कब कहें-कैसे कहें,
हर तरफ था धुंध जब दर्द हमने बयां किया,

हसरतें तो चार थी, हमसफ़र कोई न था,
मेरी इन वफाओं ने वेवफा तुझे जो बना दिया,

जल रही थी इक शमा, दूर तलक तक कोई,
धुंआ उठा कुछ इस तरफ जैसे तूने मुझे तवाह किया,

जल उठे हैं सो दिए, इर्द-गिर्द अब मेरे,
आजाद जो मेरी यादों से तुझे मैंने किया…..

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