Expectation and Reality of Women

Expectation and Reality of Women मैं बेटी हूँ सबसे एक आस लगाए बैठी हूँ, सम्मानों की हर जन से मैं अरमान जगाये बैठी हूँ, तिनके सी थी, बड़ी हुई फिर उम्मीदों की...
Life of Women

Life of Women

Life of Women सपना: कल रात मैंने एक सपना देखा, सपनो में आसमानों में खुद को परियों सा देखा, दिल घबराया, डर घिर आया, जब वहाँ पापा-मम्मी का साथ नहीं पाया, दूरी क्या होती है...