Monday, January 22, 2018

Why?

Why कोठों में मुजरा करने वाली क्या, औरत जात नहीं होती, जिस्म का धंधा करने वाली, क्यों, घरों का ढाढ नहीं होती, बिस्तर गरम करना उनका, शौक नहीं मज़बूरी है, समाज अपनी आदतें बदले, अब ये सोच जरुरी है....
Situations जो सुख - दुख से लड़ना सिखाये वो है परिस्थिति, जो भूखा-प्यासा रहना सिखाये वो है परिस्थिति, जो मजबूत बनाये वो है परिस्थिति, जो रोने को हंसने मे बदल जाये वो है परिस्थिति, जो बिना कॉपी - किताबो के पढ़ना सिखाये वो है...
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