Saturday, November 18, 2017
Dedicated for Martyr क्यों बाट दिया है इन्सां को इस धर्म रीत की डोरी से, देखो क्या अंजाम हुआ है भारत माँ की झोली पे, ये समय नही है समझाने का उन दुस्टों को बोली से, जिसने माँ की कोख उजाड़ी बारूदों की...

Soniye

तेरी सुनी-सुनी अक्खां बिच मैनु रहना हैं सोनिये, तेरी यादों के बिच मैंने बसना है सोनिये, अखि दुनियानु छोड़ देना तेरे प्यार नाल मैं, तेरे नाल मेरी सारी ख़ुशी कुर्बान सोनिये! तेरी ख़ुशी दे बास्ते मैं अपनी जान दे देदेंगे, मैनु ज़िन्दगी बिच तेरा...

Waqt ki Kalam

वक़्त की कलम फिसलने लगी हाथों से क्या पता ये वक़्त नया कुछ लिखवा जाये, मेरी किताब के पन्ने कुछ अजीब सी झलक दिखला जाये, हासिल करके जो हासिल न हुआ उसकी अनकही सी गजल सुना जाये, लफ्ज़ को समझना मेरी आंखों...

Safar

तुम अगर चाहो तो मेरे साथ चल सकते हो, मेरी तन्हाई को अपनी चाहत मैं बदल सकते हो, कट सकते है ये रास्ते साथ चलते चलते, चाहो तो इन बदलो को बारिशों मे बदल सकते हो! नम पड़ी मेरी आँखों की गहराई को...

Samjhota

समझौतों की सलाखें थी आगे, पीछे तेरा प्यार था, चुनना था बस एक किसी को, दिल का मज़बूरी से तककरार था! समझ न आया मुझको ये पल किसका किसको इंतजार था, बंधा हुआ था मैं खुद से ही था या किस्मत का...
इस प्यार की रीत पुरानी न होती, गर मीरा उस कृष्ण की दीवानी न होती, राधा- कृष्ण की कोई कहानी न होती, आज भी वो कहानी हर किसी की जुबानी न होती! लफ्ज़ गर कह जाते सब शब्दों मे, तो आँखों की बातें किसी...
पलकों को जब आँखों से भिगोया, धड़कन रोई और दिल मुस्कुराया, हाथों ने मोती रोके, तब सागर सम्हल पाया! उसकी हर एक लफ्ज़ को, होंठों से हमने लगाया, अश्क लिए उधार और मुश्कुराहट उसको दे आया, गलतियां क्या हुई ऐ ज़िन्दगी बता ज़रा,...
लड़का मेरे सांसो की गहराई को तुम महसूस कर लो न, जो अब तक न मैं कह पाया मेरी आँखों से पढ़ लो न, सुना था दम बहोत है इन निगाहों की अदाओ मैं, ज़रा देखो यहाँ मुझको सनम दीदार कर दो न! ये...

Forgive me Again

Wait the time and want the time, Don’t know when repeat it again! I remember all the thing when you were cry me first, I remember all the thing when you were laugh me first, Need the thing and wait the things when...

Chal Pade

चंद तीलियों से आग क्या लगी, सारे सपने भी जल पड़े, उड़ाती रही रेत आंधिया, और किस्से मेरे धुंए मै उड़ पड़े! आवाजे कुछ अजीब सी सुनाई पड़ने लगी अब मुझे, पहचानने को जो निकले हम आहटों मै उलझ पड़े! बड़ा ही गहरा...

Saharaa

उड़ती हुई घटा को बादल का सहारा मिल गया, डूबती हुई कश्ती को उसका का किनारा मिल गया! हर लफ्ज़ को मिली फिर उसकी जुबान, बस रह गए हम तो हमे खुदा का ढिकाना मिल गया! पलकों के पर्दों को गम आँखों के...

Teri Ankhon Mai

मैंने तेरी आँखों मैं अपनी परछाई देखि है, तेरे आंशुओं मैं प्यार की गहराई देखि है! वकत लगा ये समझते समझते मुझको, पर अब मैंने तेरी बातों की सच्छाई देखि है! महसूस किया है तेरे हर दर्द के आलम को, तेरी धड़कनो की खनक...
Time and Situation always create the moment, Sometimes it goes forward to bitter and sometimes it go forward to better!   Love and Care make the moment surprising, But result may be hurting or may be wedding!   Night give the wonderful dreams, Not know when...

Reality of Life

समंदर की परछाई मैं हम कुछ यू डूबने चले, हाथ तेरा थाम कर, साहिल अपना पूछने चले!   बादलों की भीड़ मैं खाव्हिशें कुछ खो गयी, नाम तेरा रेत पे फिर ढूंढने को हम चले!   चल पड़े हैं ये कदम एक अनदेखी सी राह...

Nayi Soch

ये जरुरी तो नहीं हर शक्श को समझा जाये, चलो आज फिर एक नयी सोच को जन्मा जाये!   हाथ बड़ा के शब्दों को सम्हालना सीख लो ज़रा, पता चले कल कोई और तुमको ये समझा जाये!   वक़्त के पास भी आज कल वक़्त...

Questions

गर्ल: क्या तुमने ठंडी हवाओं को महसूस किया है? बॉय: नहीं मैंने तो बस तेरी सांसों को महसूस किया है!   गर्ल: क्या मेरी आँखों के आंशूं तेरी आँखों मे बसते हैं? बॉय: वो आंशूं नहीं मोती हैं जो मेरी सांसो मे सजतें...
ओ भारत के वीर जवानों, भारत माता पुकारती, अब तुम लाज रखो भारत की, दुश्मन सेना ललकारती!   याद करो उन बलिदानों को जिनकी गाथा आज भी, और बता दो उन दुश्टों को हम वीर जवान है भारतीय!   समय आया है क़र्ज़ चुकाने का,...

Uljhan

उलझने ज़िन्दगी की यु उलझ सी गयी, खड़े रहे हम राहो मे और कश्तियाँ डूबती रही!   फर्क और फासला हमने बहोत करीब से देखा लहरो और समुन्दर के बीच, कश्तियाँ टकरा कर किनारो से पलटती रही!   बड़ी मासूम थी वो हवाएं भी जिनको...
पिता का प्यार और माँ की लोरी, इस रिश्ते की रीत क्यों कोरी! परायी क्यों बेटी हर होई, क्यों न रोके जग मे कोई!   हर बेटी पूछे रोई-रोई, क्यों माँ-पापा मैं पराई होई! मैंने तो इस घर की हर नीति निभाई, फिर भी मे क्यों पराई...
ऐ ज़िन्दगी हमने भी तेरे इशारे पे जीना सीख लिया, तूने चलाया और हमने चलना सीख लिया, मुद्दतों के बाद  मिली थी हमारी मंजिल हमे, कुछ तूने छीना कुछ हमने खोना सीख लिया! कब तक वक़्त और मुकद्दर की सौगात देती...
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