Wednesday, July 18, 2018
Sawalon Ki Duniya कदमो की आहटों मैं सवालों की आंधियां हैँ, हर नज़र के साथ बैढीं, अनगिनत सी जालियां हैँ | मेरी जुबां के लफ्ज़ कुछ फुसफुसाना चाहते हैँ, लम्हों की आवाज़ें अब कानों की बालियां हैँ | न लहर के साथ कश्ती, न...
Samjhahish मोहोब्बत सिर्फ तन्हाइयों का नाम है, समझ जाओगे तो जीना आसान हो जाएगी! बिखर कर सिमटना ही ज़िन्दगी है, बिखर के रह गए तो सैलाब आ जायेगा! जरुरी नहीं की तमानना हर पूरी हो जाओ, सांसो को गम के साथ भी रहना आ जायेगा! वकत...

Soniye

तेरी सुनी-सुनी अक्खां बिच मैनु रहना हैं सोनिये, तेरी यादों के बिच मैंने बसना है सोनिये, अखि दुनियानु छोड़ देना तेरे प्यार नाल मैं, तेरे नाल मेरी सारी ख़ुशी कुर्बान सोनिये! तेरी ख़ुशी दे बास्ते मैं अपनी जान दे देदेंगे, मैनु ज़िन्दगी बिच तेरा...

Safar

तुम अगर चाहो तो मेरे साथ चल सकते हो, मेरी तन्हाई को अपनी चाहत मैं बदल सकते हो, कट सकते है ये रास्ते साथ चलते चलते, चाहो तो इन बदलो को बारिशों मे बदल सकते हो! नम पड़ी मेरी आँखों की गहराई को...

Samjhota

समझौतों की सलाखें थी आगे, पीछे तेरा प्यार था, चुनना था बस एक किसी को, दिल का मज़बूरी से तककरार था! समझ न आया मुझको ये पल किसका किसको इंतजार था, बंधा हुआ था मैं खुद से ही था या किस्मत का...
इस प्यार की रीत पुरानी न होती, गर मीरा उस कृष्ण की दीवानी न होती, राधा- कृष्ण की कोई कहानी न होती, आज भी वो कहानी हर किसी की जुबानी न होती! लफ्ज़ गर कह जाते सब शब्दों मे, तो आँखों की बातें किसी...
पलकों को जब आँखों से भिगोया, धड़कन रोई और दिल मुस्कुराया, हाथों ने मोती रोके, तब सागर सम्हल पाया! उसकी हर एक लफ्ज़ को, होंठों से हमने लगाया, अश्क लिए उधार और मुश्कुराहट उसको दे आया, गलतियां क्या हुई ऐ ज़िन्दगी बता ज़रा,...

Saharaa

उड़ती हुई घटा को बादल का सहारा मिल गया, डूबती हुई कश्ती को उसका का किनारा मिल गया! हर लफ्ज़ को मिली फिर उसकी जुबान, बस रह गए हम तो हमे खुदा का ढिकाना मिल गया! पलकों के पर्दों को गम आँखों के...

Questions

गर्ल: क्या तुमने ठंडी हवाओं को महसूस किया है? बॉय: नहीं मैंने तो बस तेरी सांसों को महसूस किया है!   गर्ल: क्या मेरी आँखों के आंशूं तेरी आँखों मे बसते हैं? बॉय: वो आंशूं नहीं मोती हैं जो मेरी सांसो मे सजतें...
पिता का प्यार और माँ की लोरी, इस रिश्ते की रीत क्यों कोरी! परायी क्यों बेटी हर होई, क्यों न रोके जग मे कोई!   हर बेटी पूछे रोई-रोई, क्यों माँ-पापा मैं पराई होई! मैंने तो इस घर की हर नीति निभाई, फिर भी मे क्यों पराई...
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