Tuesday, June 19, 2018

Life and Me

मेरे ज़िंदगी से सवाल: कैसे - कैसे ख्वाब तूने दिखाए ज़िंदगी, जो कभी हंसाये कभी रुलाये ज़िंदगी, प्यार में हमेशा क्यों धोखा ही मिला ज़िंदगी? तू ही सम्हाल मैं तो बिखरी ज़िंदगी, क्या रह गयी कमी मोहोब्बत में ज़िंदगी, हर वक़्त क्यों तूने आजमाया ज़िंदगी? ज़िंदगी...
किसी की अधूरी किताब हूँ मैं, किसी के अनकहे अल्फ़ाज़ हूँ मैं, कोई न पूरा करना चाहे मुझे, हर रात मारा गया खवाब हूँ मैं, बेशक इस काया मैं इंसान हूँ मैं, पर जिस्म के भूखों का आराम हूँ मैं, मैं मरती हूँ पल-पल हर...

Truth of Life

Truth of Life सफर अनजान है, हाथों में सामान है, राह है भटकी हुई, पैरों को न आराम है, हम फिर भी चलते हैं यूँ, रास्ता नया बनाने के लिए, सब कुछ है नया-नया, एक नया फरमान है... दुनिया ये कुछ अजीब है, पर...
Ye Raste Hain Pyar Ke

Story of Life 2

Story of Life 2 हंसकर बता मुझे ज़िन्दगी, रोती है क्यों तू छुपकर ज़िन्दगी, नहीं समझता तुझे कोई तो क्या, थामती है तू सबका हाथ ज़िन्दगी| भला - बुरा कहना है दस्तूर दुनिया का पौंछ ले आँसूं आँखों से ज़िन्दगी, तकलीफ तो अकेले ही सहना है...
New Relation चलो इक रिश्ता नया बनाते हैं... थोड़ा हँसाते - थोड़ा रुलाते हैं, खुशियों को जोड़ कर ग़मों को घटाते हैं, चलो इक रिश्ता नया बनाते हैं... दुश्मनी भूलकर दोस्ती बढ़ाते हैं, हंसी होठों को देकर आंसुओं को पौछ जाते हैं, चलो इक रिश्ता नया...
Koshish Mai हर कोई इस भीड़ मे कुछ पाने की कोशिश मे, चल पड़े हैं सब, लेने की कोशिश मे| देना नहीं सीखा, न देने की पहल की, हर कोई है, एक-दूसरे को गिराने की कोशिश मे| क्या मिलेगा इससे, कोई समझना चाहे न, चले...
A Story of Life हर पल मैंने ज़िन्दगी से एक सवाल किया, क्यों मेरी हर चाहत को मुझसे दूर किया| ये क्या? ज़िन्दगी भी मेरे सवालों का जवाब देने लगी, कहने लगी- जो सही लगा मैंने वही किया| अब क्या बोलूँ ये समझ न...

A Life of Love

Life of Love सिर्फ तन्हाइयों के आलम से न गुजरे ये ज़िन्दगी, ले काफिला चले हम, बिताने ये ज़िन्दगी, रुकी हुई सी सांसे, थमे हुए से लम्हे, कायनात की फलक से उड़ा दें ये ज़िन्दगी! धुआं - धुआं सा लगने लगा था ये आसमा...
Words of Life खामोश होकर भी ज़िन्दगी न जाने क्या-क्या सवाल करती है, कभी अपनी तो कभी परायों की बात करती है, फिर कहती है, मैं भी तो औरों की तरह बेवफा हूँ, कल तुझे मौत के हवाले छोड़ जाना है! फिर क्यों लोग...

Reality of Life

समंदर की परछाई मैं हम कुछ यू डूबने चले, हाथ तेरा थाम कर, साहिल अपना पूछने चले!   बादलों की भीड़ मैं खाव्हिशें कुछ खो गयी, नाम तेरा रेत पे फिर ढूंढने को हम चले!   चल पड़े हैं ये कदम एक अनदेखी सी राह...

Nayi Soch

ये जरुरी तो नहीं हर शक्श को समझा जाये, चलो आज फिर एक नयी सोच को जन्मा जाये!   हाथ बड़ा के शब्दों को सम्हालना सीख लो ज़रा, पता चले कल कोई और तुमको ये समझा जाये!   वक़्त के पास भी आज कल वक़्त...
ऐ ज़िन्दगी हमने भी तेरे इशारे पे जीना सीख लिया, तूने चलाया और हमने चलना सीख लिया, मुद्दतों के बाद  मिली थी हमारी मंजिल हमे, कुछ तूने छीना कुछ हमने खोना सीख लिया! कब तक वक़्त और मुकद्दर की सौगात देती...
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