Saturday, September 23, 2017
Poem For Father पापा फिर आ जाओ न, वो झूला-झुला जाओ न, देखो मैं अभी भी छोटी हूँ, वो बचपन लौटा जाओ न | याद आपकी आयी है, क्यों बेटी कर दी परायी है, मेरा घर आँगन वो भी है, वो बचपन घर...
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