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Rape

बलात्कार जिसने जैसा सोचा वैसा, बलात्कार को ढाल दिया, किसी ने इसको छोटे कपड़ो, किसी ने साड़ी में बांध दिया, किसी ने ऊँगली की चाल-चलन पर, बातों से भी इज्जत को उछाल दिया, किसी ने दिए...

My Life

My Life मेरी ज़िंदगी उस पन्ने की तरह हैजो कोरी भी है और भरी भी है....

Why?

Why कोठों में मुजरा करने वाली क्या, औरत जात नहीं होती, जिस्म का धंधा करने वाली, क्यों, घरों का ढाढ नहीं होती, बिस्तर गरम करना उनका, शौक नहीं मज़बूरी है, समाज अपनी आदतें बदले, अब ये सोच...

Ishq

ISHQ ऐसे भी इश्क़ न करो कि ज़िंदगी तवाह हो जाये न लगे दुआ न लगे दवा दर्द बेहिसाब हो जाये....

DHOKHA

DHOKHA आज फिर कुछ लिखने का दिल कर गया मेरा, दर्द कलम से पन्नों पर उतर गया मेरा, हिल गयी है बुनियाद कुछ रिश्तों की, दिल में हर गम दफ़न हो गया मेरा...

Story of Prostitutes

किसी की अधूरी किताब हूँ मैं, किसी के अनकहे अल्फ़ाज़ हूँ मैं, कोई न पूरा करना चाहे मुझे, हर रात मारा गया खवाब हूँ मैं, बेशक इस काया मैं इंसान हूँ मैं, पर जिस्म...